ज्यादा सेक्शुअल पार्टनर होने पर महिलाओं को कैंसर का ख़तरा दोगुना: रिसर्च।

बुढ़ापे में कैंसर का जोखिम सबसे ज्यादा रहता है। शोधकर्ताओं ने पहली बार कैंसर और सेक्शुअल ट्रांसमिटेड इंफेक्शन (एसटीआई) के बीच सह-संबंध निकाला है, जिसमें बताया गया है कि अगर किसी महिला के दस और उससे ज्यादा सेक्शुअल पार्टनर रहते हैं तो कैंसर का जोखिम दोगुना बढ़ जाता है। जबकि पुरुषों में इसका जोखिम दो तिहाई बढ़ जाता है। गौरतलब है कि कैंसर दुनियाभर में सबसे ज्यादा खतरनाक और जानलेवा बीमारी बनकर उभरी है। अगर सही वक्त पर कैंसर का इलाज नहीं हुआ तो यह बीमारी प्राणघातक बन जाती है।

 

अध्ययनों के अनुसार

 

यह पहली बार है जब शोधकर्ताओं ने यौन संबंधों और कैंसर जैसी घातक बीमारी के बीच संबंध खोजा है। शोधकर्ताओं का कहना है कि ज्यादा पार्टनर के संपर्क में आने से कैंसर जैसी घातक बीमारी हो सकती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ज्यादा लोगों के साथ यौन संबंध बनाने, ज्यादा शराब और धूम्रपान का सेवन करने से कैंसर हो सकता है।

 

हालांकि, इस अध्ययन का यह कतई मतलब नहीं है कि शारीरिक संंबंध बनाने से कैंसर जैसी घातक बीमारी होती है। अध्ययन साफ कहता है कि शारीरिक संबंध मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए कई तरह से लाभकारी है। लेकिन इसमें इतना जरूर कहा गया है कि जिन महिलाओं व पुरुषों के दस या इससे ज्यादा लोगों से संबंध होते हैं उनमें कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है।

 

यह अध्ययन कैम्ब्रिज के एंग्लिया रस्किन विश्वविद्यालय ने किया है। इस अध्ययन के लिए छह हजार पुरुषों और महिलाओं का डाटा एकत्रित किया गया। इन सभी लोगों की उम्र पचास साल के आसपास थी। शोध में देखा गया कि जिन पुरुषों के दस प्रेमिका रही उनको एक प्रेमिका वालों के मुकाबले कैंसर का जोखिम 69 फीसदी ज्यादा था। इसी तरह जिन महिलाओं के दस लोगों से संबंध रहने उनको कैंसर की बीमारी का जोखिम 91 फीसदी ज्यादा था।

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