आयुर्वेदिक जड़ी बूटी क्या है?

आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ आयुर्वेद की एक प्रमुख घटक हैं, जो भारत की चिकित्सा पद्धति है। चिकित्सक आम तौर पर शरीर को शुद्ध करने, बीमारी से बचाव को बढ़ावा देने और दिमाग, शरीर और आत्मा को संतुलन में रखने के लिए आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का उपयोग करेंगे। … आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का उपयोग शायद ही कभी किया जाता है।

आयुर्वेदिक चिकित्सा का मूल सिद्धांत बीमारी को रोकना और उसका इलाज करना है – बल्कि बीमारी के प्रति प्रतिक्रिया करना- अपने शरीर, मन और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना। आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का उपयोग शायद ही कभी किया जाता है। इसके बजाय, उन्हें स्वास्थ्य के लिए एक समग्र दृष्टिकोण के हिस्से के रूप में उपयोग किया जाता है जिसमें पोषण, योग, मालिश, अरोमाथेरेपी और ध्यान शामिल हो सकते हैं।

आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के साथ, चिकित्सक अक्सर बीमारी के इलाज और कल्याण को बढ़ावा देने के लिए चिकित्सीय तेलों और मसालों का उपयोग करते हैं। जड़ी-बूटियो के अनेक औषधीय व अध्यात्मिक उपयोग हैं। जड़ी बूटी के सामान्य उपयोग पर पाक-संबंधी जड़ी-बूटियां और औषधीय जड़ी-बूटियां अलग है। आईये कुछ जड़ी-बूटियों के बारे में जानते है विस्तार से।

दालचीनी

इसका स्वाद तीखा – मीठा होता है। यह ऊष्ण, दीपन, पाचक, मुत्रल, कफनाशक, स्तंभक गुणधर्मो वाली जड़ी-बूटी है। यह मन की बेचैनी को कम करती है, लीवर के कार्य में सुधार लाती है और स्मरण शक्ती को भी बढाती है।

दालचीनी के फायदे

पाचन के विकार (Improves digestion)

  • जुकाम के लिये (Cough and cold)
  • स्त्रीरोग (gynecological benefits)
  • अतिरिक्त उपयोगिता (Other health benefits)
  • खाने में स्वाद को भी बढाती है (Adding flavor to food)
अदरक

दुनिया में सबसे ज्यादा उपजाए जाने वाले मसाले के रूप में अदरक सबसे बहुपयोगी औषधीय गुण वाला पदार्थ है।अदरक में बहुत से विशिष्ट गुण होते जो इसे आयुर्वेदिक औषधी बनाते है। अदरक में कई प्रकार के कैंसर को रोकने की क्षमता होती है।

अदरक के फायदे

पाचन विकार के लिए (Digestive Disorders)

  • सांस विकार के लिए (Respiratory disorder)
  • स्त्री रोग के लिए (Gynecological problems)
  • वेदना शामक (Pain reliever)
करी पत्ता

कढ़ीपत्ते सुगंधित और बहुमुखी छोटे पत्ते होते हैं जो कि एक साधारण से व्यंजन जैसे ऊपमा या पोहा को भी अत्यंत स्वादिष्ट बना सकते हैं। कढ़ी पत्ते अपने विशिष्ट स्वाद और रूप से भोजन में विशेष प्रभाव डालते हैं और भारतीय भोजन का एक प्रमुख हिस्सा हैं। कड़ी पत्तों का उपयोग चटनी और चूर्ण बनाने में भी किया जाता है जिन्हें हम चावल, डोसा और इडली इत्यादि के साथ प्रयोग करते हैं।

करी पत्ता के लाभ

पाचन विकार के लिए (Digestive Disorders)

  • स्वस्थ बाल (Healthy Hair)
  • अन्य स्वास्थ्य लाभ (Other Health Benefits)
इमली

इमली (Tamarind) खट्टे और मीठे गुणों से भरपूर औषधीय फल है। इसका वैज्ञानिक नाम तामारिन्‍दस इंडिका (Tamarindus indica) है। यह अल्‍सर और कैंसर जैसी बीमारियों को रोकने में भी मदद करता है। इमली का पेड़ के फायदे इतने अधिक हैं कि इसके पत्‍ते, फल, बीज या छाल सभी का औषधीय रूप में उपयोग किया जाता है।

इमली के फायदे

पाचन विकार (Digestive Disorders)

  • स्र्कवी (Scurvy (Vitamin C Deficiency)
  • सामान्य सर्दी को दूर करने के लिए (Common Cold)
  • पेचिश (Dysentery)
  • जलने पर (Burn)
धनिया

बारिक छोटे टूकडो में कटे हुए धनिया के पत्तों को आपके गरम सूप के कटोरे या अपनी पसंदीदा पावभाजी के ऊपर छिड़कने से बहुत लुभावनी महक आती है और इसमें बहुत अधिक पोषक तत्त्व भी होते हैं इसके पत्ते, उपजी, बीज और जड़ें, प्रत्येक एक अलग स्वाद प्रदान करते हैं। और पढ़िए

धनिया के फायदे

  • मुँहासे और काले मस्से (Acne and black wart)
  • सिरदर्द (Headache)
  • अतिसार और एलर्जी (Diarrhea and Allergy)

मुंह से दुर्गंध (बुरा सांस) और अल्सर (Foul odor (bad breath) and ulcer)

लहसुन के अनेक गुणों को जाने

लहसुन प्याज की जाति की वनस्पति है। इस वनस्पति में एक तीव्र गंध होती है जिसके कारन इसे एक औषधि का दर्जा दिया गया है। दुनियाभर में लहसुन का उपयोग मसाले, चटनी, सॉस, अचार तथा दवाओ के तौर पर किया जाता है। और पढ़िए

लहसुन के फायदे

  • सांस के विकार, दमा (Respiratory disorder, Asthma)
  • पाचन विकार (Constipation)
  • उच्च रक्त चाप (High Blood Pressure)
  • हृदय रोग (Heart Trouble)
  • कैंसर (Cancer)
  • त्वचा विकार (Skin Disease)

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